जाड़ों में अलसी के लड्डू खाइए और स्वस्थ एवं निरोग रहिए !
अलसी के बारे में सभी जानते हैं, इसको पाउडर के रूप में लड्डू के रूप में जाड़ा में प्रयोग किया जाता है , जो इंसानियत के लिए एक वरदान है, तमाम बीमारियों को एक चुटकी दूर में दूर सकती है, अलसी !
इसलिए निसंदेह नियमित रूप से अलसी खाने से साइटिका, नस का दबना, घुटनों और जोड़ों के दर्द की समस्या में आराम मिलता है,
ह्रदय रोग कोलेस्ट्रॉल में फायदा !
यह भूरे-काले रंग के यह छोटे छोटे बीज, हृदय रोगों से आपकी रक्षा करते हैं। इसमें उपस्थित घुलनशील फाइबर्स, प्राकृतिक रूप से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करता है। इससे हृदय की धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल घटने लगता है, और रक्त प्रवाह बेहतर होता है, नतीजतन हार्ट अटैक की संभावना नहीं के बराबर होती है ।
खून में जाके नहीं जमने देगी !
अलसी में ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो रक्त प्रवाह को बेहतर कर, खून के जमने या थक्का बनने से रोकता है, जो हार्ट-अटैक का कारण बनता है। यह रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है।
शरीर में बसा नहीं होने देगी !
यह शरीर के अतिरिक्त वसा को भी कम करती है, जिसे आपका वजन कम होने में सहायता मिलती है।
शरीर में झुर्रियां नहीं पढ़ने देगी !
अलसी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइटोकैमिकल्स, बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करती है, जिससे त्वचा पर झुर्रियां नहीं होती और कसाव बना रहता है। इससे त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनती है।
डायबिटीज और कैंसर में फायदा !
अलसी में अल्फा लाइनोइक एसिड पाया जाता है, जो ऑथ्राईटिस, अस्थमा, डाइबिटीज और कैंसर से लड़ने में मदद करता है। खास तौर से कोलोन कैंसर से लड़ने में यह सहायक होता है।
बढ़ती शुगर में रोकथाम !
सीमित मात्रा में अलसी का सेवन, खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। इससे शरीर के आंतरिक भाग स्वस्थ रहते हैं, और बेहतर कार्य करते हैं।
हारमोंस के संतुलन में लाभकारी !
इसमें उपस्थित लाइगन नामक तत्व, आंतों में सक्रिय होकर, ऐसे तत्व का निर्माण करता है, जो फीमेल हार्मोन्स के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चेहरे में ताजगी लाए!
अलसी के तेल की मालिश से शरीर के अंग स्वस्थ होते हैं, और बेहतर तरीके से कार्य करते हैं। इस तेल की मसाज से चेहरे की त्वचा कांतिमय हो जाती है।
नॉन वेजिटेरियन लोगों के लिए एक विकल्प !
शाकाहारी लोगों के लिए अलसी, ओमेगा-3 का बेहतर विकल्प है, क्योंकि अब तक मछली को ओमेगा-3 का अच्छा स्त्रोत माना जाता था,जिसका सेवन नॉन-वेजिटेरियन लोग ही कर पाते हैं।
डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी !
प्रतिदिन सुबह शाम एक चम्मच अलसी का सेवन आपको पूरी तरह से स्वस्थ रखने में सहायक होता है, इसे पीसकर पानी के साथ भी लिया जा सकता है । अलसी को नियमित दिनचर्या में शामिल कर आप कई तरह की बीमारियों से अपनी रक्षा कर सकते हैं, साथ ही आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
अलसी के लड्डू स्वाद का स्वाद दवा की दवा !!
अलसी के लड्डू बनाने की विधि :--
10 लोग
400 ग्राम तिसी
400 ग्राम गुड
50 ग्राम सोंठ पाउडर
50 ग्राम बादाम
50 ग्राम काजू
50 ग्राम किशमिश
50 ग्राम सूखा नारियल
150 ग्राम देसी घी
तरीका
सबसे पहले अलसी को साफ करके सूखा ही रोस्ट कर लें, फिर उसे ठंडा होने दें उसके बाद मिक्सी में महीन पीस लें ,
फिर कढ़ाई में दो चम्मच घी डालकर सौ ग्राम आटा भून ले सुनहरा होने तक, फिर आटे को एक प्लेट में निकाल ले ।
फिर सारे मेवा को भी दो चम्मच घी डालकर फ्राई कर लें।और सबके छोटे छोटे टुकडे़ कर लें ।
फिर कढ़ाई में एक दो चम्मच घी डालकर पीसी अलसी को डालकर कढ़ाई में 2 मिनट के लिए भून लें, फिर उसमें सोंठ पाउडर मिलाकर थाली में निकाल लें।
एक थाली में मेवा अलसी और आटे को अच्छी तरह मिला लें।
फिर कढ़ाई को साफ करके उसमें गुड को टुकड़े-टुकड़े करके कढ़ाई में डालें, आधा कप पानी डालकर पिघला लें।
3-4 मिनट के लिए पकाएं उसके बाद उसे आग से उतार लें ठंडा होने के लिए रख दें, फिर थोड़े थोड़े मिश्रण लेकर के थोड़ा-थोड़ा गुण मिला करके लड्डू बना लें !
- वजन घटाने में मददगार बढ़े हुए वजन को कम करने में अलसी का उपयोग लाभदायक साबित हो सकता है। ...
- ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित ...
- डायबिटीज में पहुंचाए राहत ...
- सर्दी-खांसी में कारगर ...
- कोलेस्ट्रॉल को कम करे ...
- हृदय के लिए फायदेमंद ...
- गर्भावस्था में अलसी ...
- लिवर के लिए लाभकारी
सर्दियों की यह बहुत ही बढ़िया औषधि है, इससे बहुत ताकत मिलती है हड्डियां मजबूत होती है और सर्दी से भी बचाव होता है।
धन्यवाद
Comments
Post a Comment