पापा की परियाँ यानि बेटियाँ जो घर से भाग जाती हैं
उन सभी के नाम एक सुंदर संदेश
''पापा Ramesh
मैं उससे ही शादी करूंगी..वरना""""
पापा बेटी के ये शब्द सुन कर एक घड़ी को तो सन्न रह गये
फिर सामान्य होते हुए बोले ;-
ठीक है पर पहले मैं तुम्हारे साथ मिल कर उसकी परीक्षा लेना चाहता हूँ
तभी होगा तुम्हारा विवाह Ramesh से...
कहो मंज़ूर है..??
'बेटी चहकते हुए बोली -''हाँ मंज़ूर है मुझे
दिनेश से अच्छा जीवन साथी कोई हो ही नहीं सकता
वो हर परीक्षा में सफल होगा
आप नहीं जानते पापा Ramesh
अगले दिन कॉलेज में ज्योति जब दिनेश से मिली तो उसका मुंह लटका हुआ था
Ramesh मुस्कुराते हुए बोला
-'क्या बात है स्वीट_हार्ट
इतना उदास क्यों हो
तुम मुस्कुरा दो वरना मैं अपनी जान दे दूंगा .''
ज्योति झुंझलाते हुए बोली -' Ramesh मज़ाक छोड़ो
पापा ने हमारे विवाह के लिए इंकार कर दिया है
अब क्या होगा..???
दिनेश हवा में बात उड़ाता हुआ बोला ; होगा क्या
हम घर से भाग जायेंगे और कोर्ट मैरिज कर वापस आ जायेंगें...''
ज्योति उसे बीच में टोकते हुए बोली ;
पर इस सबके लिए तो पैसों की ज़रूरत होगी
क्या तुम मैनेज कर लोगे...??'' ''
ओह , बस यही दिक्कत है
मैं तुम्हारे लिए जान दे सकता हूँ पर इस वक्त मेरे पास पैसे नहीं हैं
हो सकता है घर से भागने के बाद हमें कहीं होटल में छिप कर रहना पड़े....तुम ऐसा करो,,,,
तुम्हारे पास और तुम्हारे घर में जो कुछ भी चाँदी सोना या नकदी तुम्हारे हाथ लगे....तुम ले आना
वैसे मैं भी कोशिश करूंगा...
कल को तुम घर से कह कर आना कि
तुम कॉलेज जा रही हो और यहाँ से हम फ़रार हो जायेंगे
अपने सपनों को सच करने के लिए...!!''
ज्योति भोली बनते हुए बोली ;
"पर इससे तो मेरी व मेरे परिवार कि बहुत बदनामी होगी"
Ramesh लापरवाही के साथ बोला ;
-''बदनामी...!!! वो तो होती रहती है
तुम इसकी परवाह मत करो..''
Ramesh इससे आगे कुछ कहता उससे पूर्व ही ज्योति ने उसके गाल पर ज़ोरदार तमाचा रसीद कर दिया
ज्योति भड़कते हुयी बोली ;
-''हर बात पर जान देने को तैयार बदतमीज़
तुझे ये तक परवाह नहीं है कि जिससे तू प्यार करता है
उसकी और उसके परिवार की समाज में बदनामी होगी
और झूठे प्रेम का दावा करता है
बदतमीज़ Ramesh
जो पिता की इज्ज़त की धज्जियाँ उड़ा कर ऐय्याशी करती फिरूं
कौन से सपने सच हो जायेंगे....??
जब मेरे भाग जाने पर मेरे पिता ज़हर खाकर प्राण दे देंगें
मैं अपने पिता की इज्ज़त नीलाम कर तेरे साथ भाग जाऊँगी तो समाज में और ससुराल में मेरी बड़ी इज्ज़त होगी
वे मुझे अपने सिर माथे पर बैठायेंगें
और सपनों की दुनिया इस समाज से कहीं अलग होगी
हमें रहना तो आख़िर इसी समाज में है
घर से भाग कर हम क्या आसमान में रहेंगें...??
है कोई जवाब तेरे पास....??
पीछे से ताली की आवाज सुन कर Ramesh ने मुड़ कर देखा
तो पहचान न पाया
ज्योति दौड़ कर उनके पास चली गयी और आँसू पोंछते हुए बोली ;-
'पापा Ramesh
ये प्रेम नहीं केवल जाल है जिसमे फंस कर मुझ जैसी हज़ारों लड़कियाँ अपना जीवन बर्बाद कर डालती हैं"'
🙏 🙏 🙏 🙏 🙏
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